Upvas Thalipeeth Recipe in Hindi : भारत में उपवास (fasting) के दिनों में खाने के लिए स्वादिष्ट और हल्के व्यंजन बनाए जाते हैं। आमतौर पर लोग उपवास के दिन साबूदाना खिचड़ी, राजगिरा पूरी, या आलू वड़ा खाते हैं, लेकिन अगर आप कुछ अलग और पौष्टिक ट्राय करना चाहते हैं, तो उपवासाचे थालीपीठ (Farali Thalipeeth) एक बेहतरीन विकल्प है।
यह महाराष्ट्र की पारंपरिक रेसिपी है जिसे राजगिरा आटा, साबूदाना, शेंगदाणा (peanuts) और उकडलेले बटाटे (boiled potatoes) से बनाया जाता है। यह थालीपीठ बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम होता है, जो उपवास में भी पेट और मन दोनों को संतुष्ट करता है।
उपवासाचे थालीपीठ क्या है?
“थालीपीठ” शब्द का अर्थ होता है थाळी (plate) पर फैलाया हुआ पीठ (dough)। सामान्य दिनों में इसे गेहूं या ज्वारी के आटे से बनाया जाता है, जबकि उपवासाचे थालीपीठ व्रत के आटे यानी राजगिरा (Amaranth flour), सिंघाड़ा (Water chestnut flour) या साबूदाना (Sago) से तैयार किया जाता है।
यह सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर भी होता है, जो व्रत के दौरान ऊर्जा बनाए रखता है।
उपवासाचे थालीपीठ आवश्यक सामग्री (Ingredients for Upvas Thalipeeth)
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| राजगिरा आटा (Amaranth flour) | 1 कप |
| साबूदाना (Sago) | ½ कप |
| शेंगदाण्याचे कूट (Roasted Peanut Powder) | ¼ कप |
| उकडलेले बटाटे (Boiled Potatoes) | 2 मध्यम आकार के |
| हरी मिर्च (Green Chillies) | 2-3 बारीक कटी |
| अदरक पेस्ट (Ginger paste) | 1 छोटा चम्मच |
| सेंधा नमक (Rock Salt) | स्वादानुसार |
| धनिया पत्ती (Coriander Leaves) | 2 टेबलस्पून बारीक कटी |
| जीरा (Cumin Seeds) | ½ छोटा चम्मच |
| नींबू का रस (Lemon Juice) | 1 छोटा चम्मच |
| तेल/घी (Oil/Ghee) | सेंकने के लिए |
टिप: अगर आप चाहें तो थोड़ा सिंघाड़ा आटा (Water Chestnut Flour) भी मिला सकते हैं, इससे थालीपीठ और भी क्रिस्पी बनता है।
उपवास थालीपीठ विधि Upvas Thalipeeth Recipe in Hindi (Upvas Thalipeeth Banane Ki Vidhi Step by Step)
Step 1: साबूदाना तैयार करें
साबूदाना को 3-4 घंटे के लिए धोकर भिगो दें। ध्यान रखें कि ज्यादा पानी न डालें। जब साबूदाना नरम हो जाए, तब उसे हल्के हाथ से फुला लें।
Step 2: मिश्रण तैयार करें
एक बड़े बाउल में भिगोया हुआ साबूदाना, राजगिरा आटा, शेंगदाण्याचे कूट, उकडलेले बटाटे डालें। अब इसमें हरी मिर्च, अदरक पेस्ट, सेंधा नमक, धनिया, जीरा और नींबू का रस मिलाएँ।
Step 3: आटा गूंथें
सभी चीज़ों को अच्छे से मिलाकर थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा तैयार करें। ध्यान दें कि आटा बहुत ढीला न हो। इसे 10-15 मिनट ढककर रखें ताकि सारी सामग्री अच्छे से सेट हो जाए।
Step 4: थालीपीठ बेलना या फैलाना
प्लास्टिक शीट या केले के पत्ते पर थोड़ा सा तेल लगाएँ। अब एक गोला बनाकर हाथ से थपथपा कर थालीपीठ का आकार दें।
अगर आप चाहें तो सीधे हाथ से तवे पर भी फैला सकते हैं (Marathi style).
Step 5: थालीपीठ सेंकना
गर्म तवे पर थोड़ा सा तेल/घी डालें और उस पर थालीपीठ रखें।
दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें।
इसे मध्यम आँच पर पकाएँ ताकि अंदर तक अच्छे से सिक जाए।
Step 6: परोसना (Serving)
गर्मागरम थालीपीठ को दही (curd) या शेंगदाण्याची चटणी (peanut chutney) के साथ परोसें।
ऊपर से थोड़ा सा घी डाल दें — स्वाद और भी बढ़ जाएगा!
उपवास थालीपीठ के पौष्टिकता और फायदे (Health Benefits of Upvas Thalipeeth)
- ऊर्जा से भरपूर: राजगिरा और साबूदाना दोनों ही कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत हैं।
- ग्लूटेन-फ्री: यह पूरी तरह ग्लूटेन-फ्री है, इसलिए पाचन के लिए हल्का है।
- उच्च प्रोटीन: पीनट पाउडर और राजगिरा से शरीर को प्रोटीन और अच्छे फैट मिलते हैं।
- एनर्जी बूस्टर: उपवास के समय शरीर में जो कमजोरी महसूस होती है, यह रेसिपी उसे दूर करती है।
- वजन नियंत्रक: यह तली हुई नहीं है, बल्कि तवे पर सिकी हुई है — इसलिए वजन बढ़ाने वाली नहीं।
उपवास थालीपीठ के उपयोगी टिप्स (Pro Tips for Perfect Thalipeeth)
- आटा गूंथते समय पानी कम डालें — मिश्रण थोड़ा सख्त ही रखें।
- थालीपीठ को तवे पर डालने से पहले उस पर छेद करें ताकि अंदर तक सिक जाए।
- चाहें तो इसमें कद्दूकस किया हुआ लौकी या शकरकंद भी डाल सकते हैं।
- राजगिरा आटा + सिंघाड़ा आटा = ज्यादा कुरकुरापन!
- तेल की जगह घी में सेकेंगे तो स्वाद दोगुना बढ़ेगा।
उपवास थालीपीठ के सर्विंग सुझाव
- दही के साथ: पारंपरिक तरीका — ठंडी दही के साथ गरम थालीपीठ का मज़ा।
- शेंगदाणा चटणी (Peanut Chutney): उपवास में इस्तेमाल होने वाली तीखी और खट्टी चटणी।
- नींबू और मिर्च: थोड़ा सा नींबू निचोड़ें, स्वाद और भी निखर जाएगा।
प्रस्तुति सुझाव
- थालीपीठ को केले के पत्ते पर सर्व करें — देसी टच मिलेगा।
- ऊपर से एक चम्मच घी डालकर इंस्टाग्राम के लिए फूड फोटो क्लिक करें ।
- साइड में दही का छोटा कटोरा रखें और कुछ मूंगफली के दाने छिड़कें।
निष्कर्ष
उपवासाचे थालीपीठ न सिर्फ फास्टिंग डेज के लिए बल्कि रोज़मर्रा के ब्रेकफास्ट में भी बेहतरीन ऑप्शन है। यह हेल्दी, ग्लूटेन-फ्री और स्वादिष्ट डिश है जो हर उम्र के लोगों को पसंद आती है।
अगर आपने इसे ट्राय किया हो, तो कमेंट में बताएं कि कैसा लगा, और अपनी फोटो सोशल मीडिया पर #UpvasThalipeeth टैग के साथ शेयर करें!
FAQs
क्या उपवासाचे थालीपीठ बिना आलू के बनाया जा सकता है?
हाँ, आप आलू की जगह कद्दूकस की हुई लौकी या शकरकंद का उपयोग कर सकते हैं।
क्या यह थालीपीठ तेल की जगह घी में सेक सकते हैं?
बिलकुल! घी से स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाते हैं।
क्या यह रेसिपी व्रत के सभी दिनों में मान्य है?
हाँ, क्योंकि इसमें सिर्फ व्रत में इस्तेमाल होने वाले पदार्थ जैसे राजगिरा, साबूदाना और सेंधा नमक हैं।
क्या इस थालीपीठ को पहले से बनाकर रखा जा सकता है?
आटा पहले से गूंथकर रखा जा सकता है, लेकिन थालीपीठ ताज़ा बनाना बेहतर है।
थालीपीठ को और हेल्दी कैसे बनाया जा सकता है?
आप इसमें उकडलेली लौकी, पालक या शकरकंद जोड़ सकते हैं, जिससे यह और पौष्टिक बनेगा।
क्या इसे बच्चों के लिए भी बना सकते हैं?
हाँ, यह पौष्टिक और हल्का भोजन है, बच्चों को भी बहुत पसंद आता है।
क्या इस रेसिपी में बेसन या गेहूं का आटा डाला जा सकता है?
नहीं, उपवास के लिए यह मान्य नहीं है। इसकी जगह राजगिरा या सिंघाड़ा आटा इस्तेमाल करें।